Wednesday, June 3, 2026
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मान सरकार द्वारा सबसे बड़े सीवरेज सफाई अभियान की शुरुआत; मानसून से पहले 2200 किलोमीटर सीवरेज लाइनों और 1400 हॉटस्पॉटों की होगी सफाई : हरजोत सिंह बैंस

• मानसून के दौरान होने वाली ओवरफ्लो की समस्या से निपटने के लिए जे.ई. और स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया गया, सुपर-सक्शन मशीनें तथा उच्च क्षमता वाले जेटर तैनात : स्थानीय निकाय मंत्री

• डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से की जाएगी इस मेगा अभियान की निगरानी : बैंस

मानसून से पहले सीवरेज ओवरफ्लो और शहरों में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने आज राज्य के अब तक के सबसे बड़े सीवरेज सफाई अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले राज्य के सभी शहरों और कस्बों में 2,200 किलोमीटर सीवरेज लाइनों तथा 1,400 हॉटस्पॉटों की सफाई की जाएगी।

स्थानीय निकाय मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस अभियान के तहत मोहल्लों में 800 किलोमीटर मुख्य ट्रंक लाइनों और 1,400 किलोमीटर शाखा (ब्रांच) लाइनों को कवर किया जाएगा। विभाग द्वारा 1,400 ऐसे पुराने हॉटस्पॉटों की पहचान की गई है, जहां हर वर्ष मानसून के दौरान सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या सामने आती रही थी।

स बैंस ने कहा, “हर साल बारिश के दौरान प्रत्येक शहर और मोहल्ले में कुछ ऐसे स्थान होते हैं, जहां सीवरेज ओवरफ्लो हो जाता है। इस बार मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान की सोच के अनुरूप हमें लक्ष्य दिया गया है कि पंजाब के किसी भी शहर या कस्बे में कहीं भी सीवरेज ओवरफ्लो नहीं होना चाहिए।”

शहरवार विवरण साझा करते हुए स बैंस ने बताया कि इस अभियान के तहत जालंधर में 108 किलोमीटर सीवर लाइनें और 47 हॉटस्पॉट, पटियाला में 93 किलोमीटर सीवर लाइनें, लुधियाना में 40 किलोमीटर सीवर लाइनें और 42 हॉटस्पॉट, बठिंडा में 55 किलोमीटर सीवर लाइनें और 39 हॉटस्पॉट, मोहाली में 36 किलोमीटर सीवर लाइनें, जीरकपुर में 14 किलोमीटर सीवर लाइनें और 15 हॉटस्पॉट, खरड़ में 11 किलोमीटर सीवर लाइनें और 11 हॉटस्पॉट, धूरी में 7 किलोमीटर सीवर लाइनें और 3 हॉटस्पॉट, कोटकपूरा में 21 किलोमीटर सीवर लाइनें तथा नंगल में 7 किलोमीटर सीवर लाइनों की सफाई की जाएगी, जहां पहली बार इस प्रकार की व्यापक सफाई की जा रही है।

स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा कि स्थानीय निकाय विभाग और सीवरेज बोर्ड के जूनियर इंजीनियरों (जे.ई.) तथा अन्य कर्मचारियों को इस अभियान के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा, “हमने सुपर-सक्शन मशीनों और उच्च क्षमता वाले जेटिंग उपकरणों की तैनाती की है। वास्तविक समय की जानकारी प्राप्त करने के लिए अलग-अलग नियंत्रण कक्ष और डिजिटल डैशबोर्ड स्थापित किए जा रहे हैं।”

उन्होंने आगे बताया कि डैशबोर्ड के माध्यम से प्रतिदिन प्रगति की निगरानी की जाएगी तथा इस कार्य को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जे.ई. से लेकर एस.ई. स्तर तक जवाबदेही तय की गई है। यह अभियान मिशन मोड में पूरा किया जाएगा।

एक चौंकाने वाला उदाहरण साझा करते हुए स बैंस ने कहा, “जब हमारी टीम ने लुधियाना के भट्टियां क्षेत्र में सीवरेज की सफाई की तो पता चला कि समीप बने एक मकान के निर्माण के दौरान सीवर लाइन को कंक्रीट से भर दिया गया था। यह लाइन पिछले छह वर्षों से बंद पड़ी थी, जिसके कारण पूरे क्षेत्र को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ऐसी लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

स्थानीय निकाय मंत्री स बैंस ने कहा कि वह स्वयं फील्ड में रहकर इस अभियान की निगरानी करेंगे और सभी अधिकारियों को भी फील्ड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “हम अपने सभी विधायकों और नगर परिषद/नगर निगम के पार्षदों को भी इस अभियान से जोड़ रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि इस बार मानसून सीजन के दौरान जलभराव, सीवरेज ओवरफ्लो तथा पानी के ठहराव से फैलने वाली डेंगू जैसी समस्याओं को पूरी तरह समाप्त किया जाए।”

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