Wednesday, June 3, 2026
Wednesday, June 3, 2026
HomePOLITICSवित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कर्मचारी यूनियनों के साथ उच्च स्तरीय...

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कर्मचारी यूनियनों के साथ उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता की, लंबित मुद्दों के जल्द समाधान के दिए निर्देश

– भगवंत मान सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए वचनबद्ध, जायज मांगों का जल्द किया जाएगा निपटाराः हरपाल सिंह चीमा

– कैबिनेट सब-कमेटी विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की शिकायतों के समाधान के लिए सक्रियता से कर रही है काम: हरपाल सिंह चीमा

– भगवंत मान सरकार ने कई कर्मचारी यूनियनों के साथ की बातचीत, समय पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र-वार मुद्दों की समीक्षा की: हरपाल सिंह चीमा

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, जो प्रदेश के कर्मचारियों की शिकायतों के निपटारे के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के चेयरमैन भी हैं, ने आज विभिन्न कर्मचारी यूनियनों द्वारा उठाई गई जायज मांगों के निपटारे में तेजी लाने के लिए उच्च स्तरीय बैठकों की श्रृंखला की अध्यक्षता की।

प्रत्येक शिष्टमंडल द्वारा उठाई गई विशिष्ट मांगों और मुद्दों की समीक्षा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, ‘मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है।’

उन्होंने संबंधित विभागों के प्रशासनिक प्रमुखों को मौके पर ही निर्देश जारी करते हुए कर्मचारियों की जायज मांगों की बारीकी से पड़ताल करने और जल्द से जल्द इनका समाधान सुनिश्चित करने की हिदायत दी।

कैबिनेट सब-कमेटी की भूमिका पर जोर देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, ‘कैबिनेट सब-कमेटी प्रदेश के सभी कैडरों के कर्मचारियों के मुद्दों के समाधान के लिए एक सहयोगी माहौल सृजित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।’

इन विचार-विमर्श के दौरान वित्त मंत्री ने पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन, बाजीगर वणजारा समाज संघर्ष कमेटी, कंप्यूटर अध्यापक यूनियन, लाल झंडा मिड-डे-मील वर्करज़ यूनियन और जल स्पलाई और सेनिटेशन वर्करज़ यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की।

पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन ने एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा, जिसमें पंजाब सरकार के कर्मचारियों को सामना करने वाले साझा मुद्दों को उजागर किया गया। आम कर्मचारी कल्याण के मामलों के अलावा, यूनियन ने विभिन्न क्षेत्रों में तैनात मिनिस्टीरियल स्टाफ से संबंधित विशिष्ट चिंताओं को सामने लाया, जिनमें जिला प्रशासनिक कार्यालय, शिक्षा विभाग, सहकारिता विभाग, आबकारी विभाग, वित्त विभाग, आई.टी.आई., जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग, भूमि एवं जल संरक्षण विभाग और कमिश्नर कार्यालयों के कर्मचारियों के मुद्दे शामिल थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments