बहुप्रतीक्षित PRARAMBH: इंडिया अर्ली चाइल्डहुड एक्सीलेंस समिट एवं अवॉर्ड्स 2026 आज ज़ीरकपुर के अंबाला हाईवे स्थित हॉलिडे इन में सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। कॉन्फेडरेशन फॉर क्वालिटी इन अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (CQ-ECCE) और एसोसिएशन ऑफ इंडियन प्रिंसिपल्स (AIP) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह समिट प्रारंभिक शिक्षा में नेतृत्व, ज्ञान-सशक्तिकरण और गुणवत्ता सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।
इस प्रमुख आयोजन में शीर्ष सरकारी अधिकारी, कानूनी विशेषज्ञ, शिक्षाविद और उद्योग जगत के नेता एक मंच पर आए और प्रारंभिक शिक्षा सुधारों, महिला नेतृत्व तथा बाल सुरक्षा ढांचों पर महत्वपूर्ण संवाद किए।
प्रमुख आकर्षण एवं महत्वपूर्ण संवाद:
सरकारी पहल एवं सुरक्षा सुधार:
‘प्रारंभिक शिक्षा, बाल एवं महिला सुरक्षा तथा पंजाब सरकार की प्रमुख पहलें और सुधार’ विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित हुआ, जिसमें विशेष सचिव केशव हिंगोनिया (IAS) और सामाजिक सुरक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग, पंजाब सरकार के उप निदेशक अमरजीत सिंह भुल्लर ने अपने विचार साझा किए। चर्चा में बच्चों और महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने हेतु राज्य द्वारा प्रस्तावित सुधारों और संरचनात्मक कदमों पर प्रकाश डाला गया।
कानूनी ढांचों पर चर्चा:
शिक्षा क्षेत्र की एक गंभीर चुनौती—“भारत में प्री-स्कूलों के लिए कोई स्पष्ट कानून नहीं”—पर केंद्रित पैनल चर्चा आयोजित हुई। एसोसिएशन ऑफ इंडियन प्रिंसिपल्स की निदेशक गुरप्रीत कौर द्वारा संचालित इस सत्र में पूर्व IAS अधिकारी विवेक अत्रे और आपराधिक वकील कृष्णन के. मेहता ने भाग लिया और प्रारंभिक प्री-स्कूल व्यवस्थाओं में नियामक खामियों पर विस्तार से चर्चा की।
बाल संरक्षण, सुरक्षा एवं कल्याण:
बाल सुरक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास के मूल स्तंभों पर केंद्रित इस सत्र में बाल सुरक्षा विशेषज्ञ सुमन श्रीधर, क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट हरलीन बख्शी, काउंसलर पूनम अहलूवालिया और व्यवहारिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. तरलोचन सिंह ने अपने विचार रखे।
महिला नेतृत्व और सशक्तिकरण:
नेतृत्व में उत्कृष्टता का उत्सव मनाते हुए एक विशेष पैनल चर्चा में CII IWN की चेयरपर्सन साक्षी कत्याल सहित अन्य प्रमुख वक्ताओं ने शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में महिलाओं द्वारा संचालित प्रणालीगत प्रगति और परिचालन उत्कृष्टता पर प्रकाश डाला।
व्यवसाय एवं गुणवत्ता संवर्धन:
शिक्षाविदों और उद्योग अग्रदूतों—जैसे जूली विकहम (बेडफोर्ड स्कूल, मोहाली), अतुल लखोटिया (संस्थापक, हेलो पेरेंट) और अजीत सिंह अहलूवालिया (संस्थापक, स्मार्ट बुक्स इंडिया)—ने प्री-स्कूल अवसंरचना उन्नयन, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विक्रेता प्रबंधन पर विचार साझा किए, ताकि प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षण अनुभव को बेहतर बनाया जा सके।
वैश्विक ढांचों की ओर कदम:
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण भी देखने को मिला। कनाडियन एजुकेशन काउंसिल – ग्लोबल अफेयर्स कनाडा की क्षेत्रीय निदेशक सुनीता कृष्णन की सहभागिता ने स्थानीय प्रारंभिक शिक्षा पद्धतियों को वैश्विक मानकों के अनुरूप संरेखित करने की समिट की सोच को और मजबूत किया।
कार्यक्रम के उद्देश्य पर अपने विचार साझा करते हुए CQ-ECCE के कार्यकारी चेयरमैन अनुभव अरौड़ा और DAWK मीडिया नेटवर्क के संस्थापक एवं ग्रुप CEO अमनदीप सिंह पापी ने संगठन के मूल मिशन—“Building Safe Futures, Together” (साथ मिलकर सुरक्षित भविष्य का निर्माण)—को दोहराया।
समिट का समापन प्रतिष्ठित इंडिया अर्ली चाइल्डहुड एक्सीलेंस अवॉर्ड्स के साथ हुआ, जिसमें भारत के सबसे कम उम्र के शिक्षार्थियों के लिए पोषक और सुरक्षित वातावरण बनाने हेतु असाधारण प्रतिबद्धता दिखाने वाले संस्थानों, प्रिंसिपलों और शिक्षकों को सम्मानित किया गया।


