अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि उनके लिए ईरान के साथ युद्धविराम अब समाप्त हो चुका है। नाटो शिखर सम्मेलन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व पर तीखा हमला बोला और उन्हें “झूठा” तथा “बीमार सोच वाला” बताया। उन्होंने कहा कि अब उन्हें ईरान के साथ आगे बातचीत करने का कोई मतलब नजर नहीं आता।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी वार्ताकार यदि चाहें तो बातचीत जारी रख सकते हैं, लेकिन उनके अनुसार ईरान पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उनका आरोप है कि बातचीत के दौरान सहमति बनने के बाद ईरान सार्वजनिक रूप से उससे इनकार कर देता है।
उन्होंने कहा कि ईरानी सरकार ने करीब 54 हजार प्रदर्शनकारियों की हत्या की है और इस मुद्दे को मीडिया ने पर्याप्त महत्व नहीं दिया। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान में विरोध प्रदर्शनों को बलपूर्वक दबाया गया और यही वजह है कि वह तेहरान के साथ आगे वार्ता नहीं करना चाहते।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान चलाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर कथित हमलों के जवाब में 80 से अधिक ठिकानों पर सटीक हथियारों से हमला किया गया।
सेंटकॉम ने बताया कि इन हमलों में ईरान की वायु रक्षा प्रणाली, कमांड एवं कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार, एंटी-शिप मिसाइल क्षमताओं और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की 60 से अधिक नौकाओं को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को खतरे से सुरक्षित रखना और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था।


