केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तमिलनाडु के चेन्नई पार्क सहित नौ रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास अंतिम चरण में पहुंच गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इन आधुनिकीकृत स्टेशनों का राष्ट्र को समर्पित कर सकते हैं।
अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य देशभर के 1,300 से अधिक रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना और यात्रियों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना है। दक्षिण रेलवे क्षेत्र में फिलहाल 40 से अधिक स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य जारी है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, देशभर में अब तक 119 से अधिक पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों को जनता के लिए खोला जा चुका है। वहीं दक्षिण रेलवे क्षेत्र में 21 स्टेशन पूरी तरह तैयार होकर यात्रियों को समर्पित किए जा चुके हैं, जबकि शेष स्टेशनों पर चरणबद्ध तरीके से काम जारी है। देशभर में 1,150 से अधिक स्टेशनों पर विभिन्न स्तरों पर पुनर्विकास कार्य चल रहा है।
जल्द तैयार होने वाले स्टेशनों में तमिलनाडु के चेन्नई पार्क, चिन्नासलेम और कुन्नूर के अलावा केरल के थालास्सेरी, तिरूर, परप्पनंगडी, अंगमाली, चालाकुडी और निलांबुर शामिल हैं।
पुनर्विकास परियोजना के तहत यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर, फुट ओवरब्रिज, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, आधुनिक प्रतीक्षालय, बेहतर प्रवेश द्वार, मल्टी-लेवल पार्किंग और सीसीटीवी आधारित सुरक्षा व्यवस्था जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, चेन्नई पार्क रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास लगभग ₹10.68 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। वहीं कुन्नूर और चिन्नासलेम रेलवे स्टेशनों का विकास क्रमशः ₹7.62 करोड़ और ₹2.5 करोड़ की लागत से किया जा रहा है।
इन आधुनिकीकृत रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन 12 से 17 जुलाई के बीच होने की संभावना है, हालांकि आधिकारिक तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है।
अमृत भारत स्टेशन योजना भारतीय रेलवे की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को आधुनिक, यात्री-अनुकूल परिवहन केंद्रों के रूप में विकसित करना, स्थानीय विरासत को संरक्षित रखना और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है।


