“न्याय ज्ञान” पहल के अंतर्गत K&K Legum Solutions LLP द्वारा The Veda Toddlers Preschool and Daycare में बच्चों की सुरक्षा और बाल यौन अपराधों से संरक्षण (POCSO) अधिनियम पर एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
इस सत्र का नेतृत्व अधिवक्ता Parul Mehta ने किया, जो 13 वर्षों से अधिक अनुभव रखने वाली अनुभवी विधि विशेषज्ञ हैं और महिला व बाल सुरक्षा की प्रख्यात पैरोकार हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को वह विधिक जानकारी और व्यावहारिक उपकरण प्रदान करना था, जिससे वे एक सुरक्षित और संवेदनशील शैक्षिक वातावरण बनाए रख सकें।
जागरूकता की सुरक्षा-ढाल का निर्माण
यह कार्यशाला केवल सैद्धांतिक नहीं रही, बल्कि स्कूल स्टाफ की वास्तविक जिम्मेदारियों पर केंद्रित रही। प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदु इस प्रकार रहे:
विधिक साक्षरता: POCSO अधिनियम के प्रावधानों और उसकी अहमियत की विस्तृत जानकारी।
प्रारंभिक हस्तक्षेप: दुर्व्यवहार के व्यवहारिक संकेतों की पहचान और औपचारिक रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं की समझ।
संस्थागत जवाबदेही: शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की विशिष्ट कानूनी जिम्मेदारियों व दायित्वों की रूपरेखा।
सक्रिय पारिस्थितिकी तंत्र: विद्यार्थियों के कल्याण को प्राथमिकता देने वाली बाल-सुरक्षित स्कूल संस्कृति विकसित करने की रणनीतियाँ।
द वेदा टॉडलर्स के शिक्षण स्टाफ ने परिदृश्य-आधारित अभ्यासों में भाग लिया, जिससे संवेदनशील परिस्थितियों को कानूनी और नैतिक सटीकता के साथ संभालने पर सार्थक संवाद संभव हुआ।
विशेषज्ञ की दृष्टि
अपने संबोधन में अधिवक्ता पारुल मेहता ने कहा,
“जागरूकता ही रोकथाम की पहली सीढ़ी है। जब शिक्षक कानूनी रूप से सशक्त होते हैं, तो वे बच्चों की सुरक्षा की सबसे मजबूत दीवार बन जाते हैं। यह केवल अनुपालन का विषय नहीं है, बल्कि हर बच्चे के लिए एक सुरक्षित आश्रय बनाने का संकल्प है।”
सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता
यह सत्र “न्याय ज्ञान इन स्कूल्स” अभियान का हिस्सा है—एक राष्ट्रव्यापी प्रयास, जिसका उद्देश्य कानूनी प्रावधानों और जमीनी क्रियान्वयन के बीच की दूरी को पाटना है। विधिक साक्षरता और अनुपालन की तैयारी को बढ़ावा देकर यह पहल शैक्षणिक संस्थानों में बाल सुरक्षा को देखने और संभालने के तरीकों में परिवर्तन लाने का लक्ष्य रखती है।
द वेदा टॉडलर्स प्रीस्कूल और डेकेयर के प्रबंधन ने इस पहल की सराहना करते हुए अपने संस्थान में सुरक्षा और कानूनी अनुपालन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।


