दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों के यात्रियों को जल्द ही बेहतर सड़क संपर्क की सुविधा मिलने वाली है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला क्लोवरलीफ इंटरचेंज 15 अक्टूबर तक शुरू होने की संभावना है। इसके शुरू होने से आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक तेज और सुविधाजनक होगा।
ग्रेटर नोएडा के जगनपुर-अफजलपुर गांव के पास, गैलगोटियास यूनिवर्सिटी से लगभग 2 किलोमीटर तथा परी चौक से करीब 10 किलोमीटर दूर बन रहा यह इंटरचेंज दोनों प्रमुख एक्सप्रेसवे के बीच पहली सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। वर्तमान में EPE से आने वाले वाहन चालकों को सिरसा इंटरचेंज से निकलकर स्थानीय मार्गों के जरिए यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंचना पड़ता है।
नया इंटरचेंज शुरू होने के बाद यात्रा दूरी लगभग 15 से 20 किलोमीटर तक कम हो जाएगी, जिससे विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों का 15 से 30 मिनट तक समय बचेगा। मेरठ से आने वाले यात्रियों को लगभग आधे घंटे की बचत होगी, जबकि पलवल, कुंडली और पानीपत से आने वाले लोगों का सफर भी पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज होगा। इससे YEIDA के विभिन्न सेक्टरों के साथ-साथ आगरा और मथुरा की ओर आवागमन भी बेहतर होगा।
चार लूप और चार कनेक्टिंग रैंप वाले इस क्लोवरलीफ इंटरचेंज का डिजाइन वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करेगा। अधिकारियों के अनुसार इससे परी चौक, कसना और घंघोला गांव जैसे व्यस्त इलाकों में यातायात का दबाव कम होगा।
अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्यों में सड़क की अंतिम सतह, रिटेनिंग वॉल, क्रैश बैरियर, लेन मार्किंग, साइन बोर्ड, स्ट्रीट लाइट, लैंडस्केपिंग और सुरक्षा संबंधी अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं।
करीब 83 हेक्टेयर में फैली इस परियोजना को भूमि अधिग्रहण, किसानों के मुआवजे को लेकर विरोध, डिजाइन में बदलाव और निर्माण लागत बढ़ने जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। परियोजना की आधारशिला 15 दिसंबर 2023 को रखी गई थी। शुरुआती लागत 75.5 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जो बाद में बढ़कर 123 करोड़ रुपये और संशोधित अनुमान के अनुसार लगभग 270 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परियोजना को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को हस्तांतरित किए जाने और प्रभावित किसानों को अतिरिक्त मुआवजा स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया गया।
फिलहाल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक रोड के सात किलोमीटर लंबे हिस्से के माध्यम से यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ है। हरियाणा से गुजरने वाले शेष हिस्से के अगले वर्ष तक पूरा होने की उम्मीद है।


